हमारे बारे में

टीडीएफ में आपका स्वागत है

टीडीएफ योजना ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देते हुए तथा रक्षा अनुप्रयोगों के साथ भावी तकनीकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए, उत्पादन लागत में कमी, कार्यक्षमता और गुणवत्ता में सुधार करके मौजूदा उत्पादों/प्रणालियों, प्रक्रियाओं और उनके अनुप्रयोगों को उन्नत करने के लिए वित्तीय सहायता और विशेषज्ञता प्रदान करती है, इस योजना के तहत सेना मुख्यालयों की आवश्यकताओं को परियोजनाओं के रूप में सूचीबद्ध किया जाता है, जिनके लिए पात्र हितधारक इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

मिशन
  • भारत में उन्नत रक्षा प्रणालियों का डिज़ाइन और उत्पादन करके आत्मनिर्भरता प्राप्त करना।
  • भारत की सैन्य क्षमता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक समाधान प्रदान करना।
  • मिसाइल, साइबर युद्ध, AI और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करना।
  • नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ साझेदारी करना।
विजन
  • स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देकर विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना।
  • नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए रक्षा क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्टार्टअप्स की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • रक्षा अनुप्रयोगों के लिए अनुसंधान एवं विकास (R&D) के प्रयासों को व्यावहारिक, तैनाती योग्य तकनीकों में बदलने में सहयोग करना।
प्रौद्योगिकी विकास निधि निदेशालय

(डीटीडीएफ)

श्री राजनाथ सिंह

माननीय रक्षा मंत्री

श्री संजय सेठ

माननीय रक्षा राज्य मंत्री

डॉ. समिर वि कामत

सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग एवं अध्यक्ष, डीआरडीओ

टीडीएफ परियोजनाओं के लिए उद्योग साझेदारों का स्पेक्ट्रम

अस्वीकरणः : यहां प्रदान की गई जानकारी केवल सांकेतिक है और केवल जनसंपर्क उद्येश्यों के लिए है। प्रयोक्ता से अनुरोध है कि तिथि, समय, नियम एवं शर्तों तथा सभी संबंधित विवरणों की पुष्टि सीधे डीईएफ प्रोक (रक्षा ई खरीद) पोर्टल या अन्य आधिकारिक वेबसाइटों से करें। इस संबंध में किसी भी प्रकार की पूछताछ पर विचार नहीं किया जाएगा।